बॉस 6 को तैयार करने के बाद तीन माह तक इसका गहन परीक्षण किया गया। इस दौरान भारतीय सेना सहित अन्य विभागों की खुफिया एजेंसियों को इसपर हमला करने को कहा गया तथा कोई भी इसकी सुरक्षा को भेद नहीं पाया। इसमें सुरक्षित प्रोटोकॉल का उपयोग किया गया है जो इसकी सुरक्षा को अतिउन्नत बनाते हैं। इसे लिनक्स फ़ाउंडेशन का प्रमाणन भी प्राप्त है।

सुविधाओं की दृष्टि से तो बॉस 6 अत्यंत आकर्षक लगता है लेकिन वास्तविक उपयोगकर्ताओं के समक्ष यह कितना चल पाएगा, यह तो समय ही बताएगा। साथ ही इसकी सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि इसके निर्माता इसे कितनी जल्दी–जल्दी अपडेट कर पाते हैं तथा उपयोगकर्ताओं के लिए सहायता पाना कितना आसान है