Thursday, 18 February 2016

Disabled man develops two seater car lelo

car

कहते हैं कि हुनर किसी का मोहताज नहीं होता और यह बात सच साबित कर दी है इलाहाबाद के मलाक राज इलाके के निवासी विमल किशोर ने। एक पैर से विकलांग विमल ने एक अनोखी दो सीटर कार बनाई है।
स्कूटी डिजाइन कर बनाई कार
विमल छोटी सी कॉफी की दुकान चलाते�है। उन्होंने एक स्कूटी पर डिजाइन कर इसे छोटी कार का शक्ल दिया है। इसमें दो लोगों के बैठने की सुविधा है। विमल ने बताया की विकलांग और बुजुर्गों को ध्यान में रख कर इस कार को बनाया गया है जिसका नाम \'लैलो\' है।
90 हजार आई लागत
इस छोटी सी कार को बनाने में 90 हजार रूपए खर्च हुए और यह कार तीन महीने में बन कर तैयार हुई। दो लोगों की बैठने की सुविधा वाली इस कार की खासियत यह है कि यह स्कूटी पर बनी हुई है, जिसमें म्यूजिक सिस्टम और हूटर भी लगा है, जोबैटरी से संचालित होता है और इसकी बैटरी सोलर सिस्टम से चार्ज होती है। यह कार सेल्फ स्टार्ट है।

विकलांगों की सहायता करना है मकसद
इस छोटी सी कार को बनाने का मकसद पूछने पर विमल किशोर बताते�है�कि वह विकलांग हैं और कार चलाने में दिक्कत होती है। कार चलाने में एक्सीलेटर ब्रेक आदि में दिक्कत होने के मद्देनजर, उन्हें यह विचारआया कि क्यों न ऐसी कार बनाई जाए जिसे विकलांग और बुजुर्ग आसानी से चला सकें और वह कार कहीं भी आसानी से पार्क हो सके।
जज्बे को करते हैं सलाम
विमल किशोर जब अपनी इस छोटी सी कार को लेकर सड़कों पर निकलते हैं, तो देखने वालों की भीड़ लग जाती है। हर कोई बस इसे देखता ही रहता है और इस छोटी सी कार की तस्वीर लेने को बेताब रहता है। इतना ही नहीं, जब लोगों को जानकारी होती है कि इस छोटी सी कार को विमल किशोर ने बनाया है तो इसकी सराहना भी करते�है�और विमल किशोर के इस जज्बे को सलाम भी करते हैं।
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