Thursday, 18 February 2016

Renault Kwid: 1,000km Long Term Review

The Renault Kwid still makes heads turn, hasn't given me many reasons to crib, and is quite fuel efficient. What more could I ask for from a long term car?
Renault Kwid long term car review

In the last couple of months I have been in and out of Mumbai and haven't got much quality time with my Renault Kwid long term car. Blame the Auto Expo, ZigWheels Awards and all the preparation that events like these bring along. However, I’ve managed to clock 1,000km on the car, which is mostly restricted to commutes from home to office and back, and that occasional run to the airport. So, here are some of the things that I noticed driving this very practical and attractive looking hatchback.
In terms of looks, the smart Renault Duster-like silhouette gives the Kwid a strong, almost SUV-like character. Small design elements like a oversized Renault logo done in chrome up front, turn indicators on wheel arch cladding, creases on the bonnet, to name a few, make the Renault Kwid stand out. However, am stilling confused how the unique looking badging on the rear door ended up on the roof of the car.

Disabled man develops two seater car lelo

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कहते हैं कि हुनर किसी का मोहताज नहीं होता और यह बात सच साबित कर दी है इलाहाबाद के मलाक राज इलाके के निवासी विमल किशोर ने। एक पैर से विकलांग विमल ने एक अनोखी दो सीटर कार बनाई है।
स्कूटी डिजाइन कर बनाई कार
विमल छोटी सी कॉफी की दुकान चलाते�है। उन्होंने एक स्कूटी पर डिजाइन कर इसे छोटी कार का शक्ल दिया है। इसमें दो लोगों के बैठने की सुविधा है। विमल ने बताया की विकलांग और बुजुर्गों को ध्यान में रख कर इस कार को बनाया गया है जिसका नाम \'लैलो\' है।
90 हजार आई लागत
इस छोटी सी कार को बनाने में 90 हजार रूपए खर्च हुए और यह कार तीन महीने में बन कर तैयार हुई। दो लोगों की बैठने की सुविधा वाली इस कार की खासियत यह है कि यह स्कूटी पर बनी हुई है, जिसमें म्यूजिक सिस्टम और हूटर भी लगा है, जोबैटरी से संचालित होता है और इसकी बैटरी सोलर सिस्टम से चार्ज होती है। यह कार सेल्फ स्टार्ट है।

विकलांगों की सहायता करना है मकसद
इस छोटी सी कार को बनाने का मकसद पूछने पर विमल किशोर बताते�है�कि वह विकलांग हैं और कार चलाने में दिक्कत होती है। कार चलाने में एक्सीलेटर ब्रेक आदि में दिक्कत होने के मद्देनजर, उन्हें यह विचारआया कि क्यों न ऐसी कार बनाई जाए जिसे विकलांग और बुजुर्ग आसानी से चला सकें और वह कार कहीं भी आसानी से पार्क हो सके।
जज्बे को करते हैं सलाम
विमल किशोर जब अपनी इस छोटी सी कार को लेकर सड़कों पर निकलते हैं, तो देखने वालों की भीड़ लग जाती है। हर कोई बस इसे देखता ही रहता है और इस छोटी सी कार की तस्वीर लेने को बेताब रहता है। इतना ही नहीं, जब लोगों को जानकारी होती है कि इस छोटी सी कार को विमल किशोर ने बनाया है तो इसकी सराहना भी करते�है�और विमल किशोर के इस जज्बे को सलाम भी करते हैं।
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Wednesday, 17 February 2016

freedom251 cheapest smartphone launching controversy

नोएडा की कंपनी रिंगिंग बेल्स ने बुधवार को यह स्मार्टफोन लॉन्च किया। यह जून से मिलेगा।

जिस Freedom 251 फोन को दुनिया का सबसे सस्ता 3जी स्मार्टफोन कहा जा रहा है, उससे तीन विवाद जुड़ गए हैं। पहला- इसकी लॉन्चिंग में डिफेंस मिनिस्टर मनोहर पर्रिकर को जाना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। दूसरा- इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन ने कहा है कि जिस फोन की रिटेल कॉस्ट 3500 से 4100 रुपए के बीच है, वह 251 रुपए में कैसे मिलेगा? तीसरा- इस फोन के लुक्स आईफाेन और पहले से मौजूद एडकॉम स्मार्टफाेन की तरह माने जा रहे हैं। क्या है इस फोन की खासियत, विरोध की अौर क्या है वजह...
- 4 इंच एचडी डिस्प्ले, 1.3 गीगा हर्ट्ज प्रोसेसर और 1 जीबी रैम वाले 251 रुपए के इस फोन की लॉन्चिंग बुधवार को नोएडा में हुई।
- पर्रिकर इसकी लॉन्चिंग में नहीं आए। बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी इस इवेंट में शामिल हुए।
- मोबाइल इंडस्ट्री बॉडी इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन (आईसीए) का कहना है कि टेलिकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद को इस मामले की जांच करनी चाहिए।
- आईसीए का कहना है कि सब्सिडी पर सेल के बावजूद इस तरह के स्मार्टफोन की प्राइस 4100 रुपए से कम नहीं हो सकती।
- आईसीए ने इस सस्ते स्मार्टफोन के लॉन्चिंग इवेंट में सीनियर पॉलिटिकल और गवर्नमेंट लीडरशिप को मिले इनविटेशन और नेताओं की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए हैं।
जून से मिलेगा फोन, बुकिंग शुरू
यह स्मार्टफोन नोएडा की रिंगिंग बेल्स ने लॉन्च किया है। 251 रुपए के इस स्मार्टफोन के लिए कंपनी की वेबसाइट से प्री-बुकिंग 18 फरवरी सुबह 6 बजे से शुरू हो गई जो 21 फरवरी शाम 8 बजे तक की जा सकती है। 30 जून से कंपनी इसकी शिपिंग शुरू कर देगी।
- हालांकि, गुरुवार सुबह बुकिंग शुरू होने के बाद यूजर्स ने कंपनी की वेबसाइट freedom251.com के क्रैश होने और बुकिंग नहीं हो पाने की शिकायत की।
इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन ने क्या कॉस्ट मैकेनिज्म बताया?
- आईसीए ने कहा कि इस तरह के प्रोडक्ट की बिल ऑफ मटीरियल (बीओएम) वैल्यू 40 डॉलर यानी 2,700 रुपए आती है। यह कॉस्ट तभी आती है, जब इसे सस्ती सप्लाई चेन से खरीदा जाए।
- आईसीए के नेशनल प्रेसिडेंट पंकज महिंद्रू ने टेलिकॉम मिनिस्टर को लिखे लेटर में कहा कि रिटेल सेल्स के दौरान प्रोडक्ट कॉस्ट में ड्यूटी, टैक्स, डिस्ट्रीब्यूशन और रिटेल मार्जिन भी जुड़ते हैं। जब इस स्मार्टफोन की रिटेल कॉस्ट 4,100 रुपए बैठती है, तो यह 251 रुपए में कैसे बिक सकता है?
- महिंद्रू ने कहा कि यदि ऐसे फोन को ई-कॉमर्स या किसी तरह की सब्सिडाइज्ड सेल पर बेचा जाता है, तो इसकी कीमत 52-55 डॉलर यानी 3,500-3,800 रुपए बैठती है। 
- उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रोडक्ट पर सीधे कोई सब्सिडी नहीं मिली है, तो यह इतने कम रेट पर कैसे बिक सकता है?
- बता दें कि Samsung, Apple, Sony, Lava, Micromax, Karbonn, Motorola और HTC जैसी कंपनियां आईसीए की मेंबर हैं।
जवाब में रिंगिंग बेल्स ने क्या गणित बताया?
- रिंगिंग बेल्स के प्रेसिडेंट अशोक चड्ढा ने लॉन्चिंग इवेंट में कहा- "इस साल के आखिर तक हम फ्रीडम-251 स्मार्टफोन का हार्डवेयर भारत में बनाएंगे। बाद में इसे 100 पर्सेंट मेड इन इंडिया कर देंगे।"
- "हम इसके लिए नोएडा और उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट ला रहे हैं। इसकी कॉस्ट 500 करोड़ रुपए और टारगेट कैपिसिटी हर महीने 5 लाख यूनिट की होगी। ऐसे पांच मैन्युफैक्चरिंग सेंटर हम बनाएंगे। लेकिन शुरुआत में हम ढाई लाख ऑर्डर के बाद बुकिंग रोक देंगे।"
- "बिल ऑफ मटीरियल्स के हिसाब से इस स्मार्टफोन की कॉस्ट 2000 रुपए है। भारत में बनाकर हम इसमें से 400 रुपए बचा लेंगे।"
- "ऑनलाइन बेचकर हम इससे 400 रुपए और बचा लेंगे। अगर प्री-ऑर्डर पर नंबर बढ़ेगा तो हम 400 रुपए आैर सेव कर लेंगे।"
- "इसके बाद जब प्लैटफॉर्म बड़ा हो जाएगा तो हम ऐसे प्रोडक्ट्स हाईलाइट करेंगे, जो कस्टमर्स के लिए वैल्यूएबल होंगे।"
- "इससे हमारी सोर्स ऑफ इनकम बढ़ेगी। इसका फायदा हम कस्टमर्स तक पहुंचाएंगे और स्मार्टफोन की कॉस्ट को कंट्रोल करेंगे।"
- कंपनी का कहना है कि वह इस फोन के लिए कोई गवर्नमेंट सब्सिडी नहीं ले रही है, न ही प्रोजेक्ट में सरकार का कोई डिपार्टमेंट शामिल है।

आईफोन से कॉपी करने के दावे क्यों?
- हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रीडम 251 में ज्यादातर बिल्ट अप आइकॉन्स आईफाेन जैसे दिखते हैं।
- इसका वेब ब्राउजर ऐप एप्पल के सफारी ब्राउजर जैसा नजर आता है जो आईफोन, आईपैड और मैक में होता है।
- इसमें राउंड होम बटन वैसा ही है, जैसा आईफोन में होता है।
- मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि फ्रीडम 251 दिल्ली की आईटी इम्पोर्टर कंपनी एडकॉम के एक हैंडसेट की तर्ज पर बना है। एडकॉम कंपनी का फ्रीडम 251 जैसा एक स्मार्टफोन कई ई-रिटेलर कंपनियों की वेबसाइट्स पर करीब 4000 रुपए में लिस्टेड है।
किसके लिए चैलेंज है यह फोन?
- रिंगिंग बेल्स का प्लान 500 रुपए से कम के और भी स्मार्टफोन मार्केट में उतारने का है। फि‍लहाल, मार्केट में मौजूद सबसे सस्ता स्मार्टफोन 1,500 रुपए के करीब है।
- पि‍छले साल डाटाविंड ने एलान कि‍या था कि‍ वह अनि‍ल अंबानी की रि‍लायंस कम्‍युनि‍केशन (आरकॉम) के साथ मि‍लकर दुनि‍या का सबसे सस्‍ता स्‍मार्टफोन 999 रुपए में लॉन्‍च करेगी। यह फोन अभी मार्केट में नहीं आया है।
- वहीं, इन्हें 4500 से 5000 रुपए के बीच आने वाले लेनोवो A2010 और कार्बन मैक वन टाइटेनियम के लिए भी चैलेंज माना जा रहा है।
- 251 रुपए वाले इस स्मार्टफाेन की स्क्रीन लेनेवाे (4.5 इंच) और कार्बन (4.7 इंच) से छोटी होगी, लेकिन 1.3 गीगा हर्ट्ज क्‍वाडकोर प्रोसेसर लगभग उतनी ही मजबूती देगा।
2,999 रुपए में 4-जी फोन लॉन्च कर चुकी है रिंगिंग बेल्स।
- हाल ही में रिंगिंग बेल्‍स ने 2,999 रुपए में 4-जी स्‍मार्टफोन को मार्केट में लॉन्च कि‍या था।
- इसके अलावा, मार्केट में कंपनी के दो फीचर फोन भी मौजूद हैं।

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Saturday, 13 February 2016

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अब हर महीने Renault Kwid के 10,000 यूनिट बनाएगी कंपनी

अब हर महीने Renault Kwid के 10,000 यूनिट बनाएगी कंपनी

Renault एक बार फिर अपनी मशहूर एंट्री-लेवल हैचबैक कार Kwid के प्रोडक्शन को बढ़ाने पर विचार कर रही है। ये फैसला Renault Kwid की बढ़ती डिमांड को देखते हुए लिया गया है। कंपनी ने मार्च से इस कार का प्रोडक्शन हर महीने 10,000 यूनिट करने का ऐलान किया है।

Renault Kwid को अक्टूबर 2015 में लॉन्च किया गया था जिसके बाद से ही इस कार की बंपर बुकिंग हो रही है। पहले 2 महीने में ही इस कार के 10,600 यूनिट बिक गए। बंपर बुकिंग की वजह से देश के कुछ राज्यों में Renault Kwid का वेटिंग टाइम 10 महीने तक बढ़ गया। घरेलू बाज़ार में पहले 4 महीने में इस कार को 2 लाख बुकिंग मिली थी।

इस डिमांड को पूरा करने के लिए Renault ने इस कार का प्रोडक्शन बढ़ाकर 6,000 यूनिट प्रति माह कर दिया था। लेकिन मार्च 2016 से इसे बढ़ाकर 10,000 यूनिट प्रति महीने किया जा रहा है। Renault Kwid और Renault Duster को दिसंबर 2015 में टॉप-10 बेस्ट सेलिंग कार की लिस्ट में भी जगह मिली थी।

कंपनी के कंट्री सीईओ और एमडी सुमित सहनी ने बताया कि अगले महीने से Renault Kwid को ब्राज़ील में भी एक्सपोर्ट किया जाएगा। हालांकि, कंपनी ने ये साफ नहीं किया है कि Renault Kwid के कितने यूनिट को ब्राजील एक्सपोर्ट किया जाएगा।

कंपनी 2016 के अंत तक देशभर में अपने डीलरशिप नेटवर्क को भी बढ़ाने का फैसला किया है। फिलहाल देशभर में Renault के 204 डीलरशिप हैं जिसे इस साल के अंत तक बढ़ाकर 240 किया जाएगा। Renault-Nissan ने चेन्नई के पास 4,500 करोड़ रुपये की लागत से एक नया प्लांट भी तैयार किया है।




Tuesday, 9 February 2016

Safer Internet Day

The Internet has become an integral part of our lives. It is today regarded as a necessity, so much so that for most people life without an Internet connection is unfathomable. However, like all good things, the Internet also comes with its own baggage of not-so-nice things and concerns. Thus, it would be prudent for users to realise the risks posed by an ignorant approach to security online.
The Safer Internet Day, celebrated on February 9 every year, presents a good opportunity to relook the security standards and levels individuals and organisations employ when online.
Security breaches at Adobe and Sony in the not-too-distant past are active reminders of the pitfalls on the path to a connected world and the security perils posed by the Internet.
"The Internet wasn't designed with security in mind. To make things worse, we forget that our digital footprints are bigger than we think. Cybercrime is no longer about brute force," Rajesh Maurya, country manager, India and SAARC, network security major Fortinet toldInternational Business Times, India over email. "It subtly infiltrates your system, stays hidden and extracts data without any detection. Both, consumers and enterprises are not spared from perils of the Internet.
"Today, with increasing dependency on the Internet and ever-increasing usage of smartphones, tablets and other such devices, we are all constantly connected to the good and the bad world of the Internet," Altaf Halde, managing director, South Asia, Kaspersky Lab told IBTimes India via email. "It is important to make your Internet experience a lot safer and use it to your advantage. It definitely helps to be cautious and aware of your Internet usage at all times."
Halde called the Safer Internet Day a significant step towards promoting a safe and responsible approach to the digital world that could be aimed not just at children but also at adults.
"Cybercriminals use stolen email or social media accounts from one victim to spear-phish, that is, lure their next victim. After all, we are more likely to click something posted by a friend," Ritesh Chopra, country manager, India, Norton by Symantec told IBTimes India over email.
He highlighted one such nightmarish situation. "Using crypto ransomware, cybercriminals can hold a victim's files, photos and other digital media hostage and demand ransom. Our smart devices and wearables hold plenty of personal information which could lead to new opportunities for ransomware attacks," he said.
With greater proliferation of connected devices and connected homes, Chopra said the average customer often leaves himself/herself more exposed than he/she realises.
"Over one in three Indians do not have a password on their smartphone or desktop. Furthermore, less commonly used devices, such as our connected home devices, are less likely to be protected. With the Internet of Things, many of our devices are interconnected, increasing the importance of securing all our devices," Chopra said.
"The Internet is terribly unsecure and definitely not private. Trusted staffers can turn into disgruntled employees overnight, and data can easily wind up in the wrong hands. If one friend who's turned hostile initiates a hack, our social networks can give away sensitive and personal information," Maurya said.
Fortinet came out with some security guidelines for individual Internet users, like keeping all operating systems and applications up-to-date, installing all-in-one protection suites, being cautious about clicking links — especially on social media, using separate devices for important transactions and "fun" things, and most importantly, using strong passwords.
Search giant Google is also actively promoting Safer Internet Day.
Safer Internet Day: Cybersecurity experts urge extra caution on the Internet
Screenshot of Google homepage Safer Internet DayGoogle
Safety on the Internet has a legal aspect as well.
"Today, on average, the chances are eight out of 10 people on the electronic or mobile platform would have committed some cybercrime at some point in their lives," cyber-law expert and Supreme Court advocate Pavan Duggal told IBTimes India over the phone.
Duggal referred to the Delhi Public School MMS case as a major wake-up call for both corporates and individuals.
"The CEO of the web hosting company was put behind bars. It made Corporate India realise that while they lobbied for changes in the law, they had to be compliant with the provisions of the law," Duggal said. "It also made individuals more sensitive about what to do in terms of protecting their interests online."
Security providers and cybersecurity advocates recommend a cautious and educated approach to the Internet.
"The law clearly states that ignorance of the law is not an excuse to commit a crime," Duggal said.

Every nut in the Kwid was designed in India

It was early 2011, and Laurens Van Der Acker was visiting Renault’s design office in Mumbai. The senior vice-president of corporate design at Renault happened to pick up one sketch of a green coloured car.
It was something Acker had never ever seen before – a hatchback which looked like a sports utility vehicle. Little did he know that four years later that sketch would be called Kwid. Acker, who says “most of the sketches go into the dustbin,” has retained sketch.
It was the beginning of a revolution inside Renault, globally. The team decided that they would come out with a car loaded with features, priced at about `4,00,000. It had never been attempted before. Acker knew that the car couldn’t have a single component or part which was already being sold in the market. “The biggest challenge was to redesign and re-engineer every single component in the car,” said Acker.
Every part that was available in the market was either heavy, or too expensive or not suitable for the “green car”. But few things were decided from the very beginning – the Kwid would have a touchscreen panel, the facia and the rear should reflect the Renault design, and that it should look “sensual and tough” at the same time.
“It is not on any existing platform. Over 98% of the Kwid is localised… I can’t think of any other car in India with that kind of localisation. It is a car where every nut and every fastener was specially designed,” said Sumit Sawhney, CEO and managing director, Renault India. The platform is called common module family – alliance (CMF-A).
With the Kwid done, Renault has space to spread its wings. “In India more than 70% of the market is for cars below `7-lakh… We will come out with more cars on the CMF-A platform,” said Bernard Cambier, chairman of Africa, Middle East and India region at Renault. The platform can handle up to five models --- so you can expect a compact sedan and a compact SUV on the Kwid platform.


Monday, 8 February 2016

Bajaj की ये बाइक देती है 99.1 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज, कीमत 30,990 रुपये

बजाज ऑटो ने अपनी इंट्री लेवल बाइक CT100 के नए वेरिएंट को बाज़ार में उतारा है। इस नई बाइक को Bajaj CT100B नाम दिया गया है। दिल्ली में इस बाइक की एक्स-शोरूम कीमत 30,990 रुपये रखी गई है। खास बात ये है कि ये बाइक 99.1 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है।

Bajaj की ये बाइक देती है 99.1 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज, कीमत 30,990 रुपये

नए वेरिएंट को छोटे-मोटे बदलाव के साथ लाया गया है। कंपनी का दावा है कि इस बाइक में कंफर्ट का खास ख्याल रखा गया है। Bajaj CT100B में 99cc का इंजन लगाया गया है जो 8.2 बीएचपी की ताकत देता है। इसके अलावा बाइक की इंजन को पहले की तुलना में ट्यून किया गया है जिसकी वजह से नया वेरिएंट पिछले मॉडल की तुलना में 9.6 किलोमीटर प्रति लीटर का ज्यादा माइलेज देता है।

माइलेज के मामले में कंपनी के दावे को मानें तो Bajaj CT100B देश की दूसरी सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली बाइक होगी। फिलहाल Hero Splendor iSmart देश की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली बाइक है।

बाइक के लॉन्च के मौके पर कंपनी के प्रेसिडेंट एरिक वास ने कहा, 'वैसे ग्राहक जो सेकेंड हैंड बाइक खरीदना चाहते हैं उनके लिए Bajaj ने खासतौर पर इस बाइक को तैयार किया है। इस कीमत में वो Bajaj CT100B के रूप में नई बाइक खरीद सकते हैं। Bajaj CT100 100cc सेगमेंट में अब तक की सबसे सफलतम बाइक है। इस बाइक को फरवरी 2015 में लॉन्च किया गया था और बीते 12 महीनों में इस बाइक की 5 लाख यूनिट बिक चुकी है।'  SOURCE

Tuesday, 2 February 2016

Renault India sales jump 151% in January

NEW DELHI: Indian arm of French automaker Renault has announced, its January sales figures, in a statement.

Last month, the company has registered a growth of 151 percent with domestic sales of 8,031 units as against 3,203 units in the corresponding month last year.

Renault Kwid will continue to play a pivotal role in the company's expansion plans in India with customer orders crossing the 90,000 mark, said the company.

Renault India has ramped up the production capacity of Kwid at its Chennai plant to meet the growing demand of the product.

The company has also substantially increased its sales and service network reach in India, from 14 sales and service facilities in mid-2011 to 205 currently, and is targeting to reach 240 facilities by the end of this year.

Monday, 1 February 2016

वॉरशिप INS विक्रांत के मेटल से बनी बजाज की बाइक 'V' लॉन्च

बजाज ने बाइक 'वी' इसे दो वेरिएंट में लॉन्च किया।
देश के पहले वॉरशिप कैरियर INS विक्रांत के मेटल से बनी बजाज की नई बाइक सीरीज 'V' सोमवार को लॉन्च हो गई। इसके दो वेरि‍एंट V150 और V125 को सामने लाया गया। इसे मार्च से मार्केट में उतारा जाएगा।
कैसी है नई बाइक, क्यों है खास...
- इस बाइक को विक्रांत के नाम पर ही 'V' नाम दिया गया है। बाइक के फ्यूल टैंक पर विक्रांत का खास लोगो भी है।
- हालांकि, कुछ ऑटोमोबाइल साइट्स और ब्लॉग पर 'V का फुल फॉर्म VALOR बताया जा रहा है। जिसका मतलब वीरता या साहस होता है।
- रिपब्लिक डे पर इस बाइक का फर्स्ट लुक लॉन्च किया गया था।
इंजन और पॉवर
दो वेरि‍एंट 150 सीसी और 125 सीसी में है।
बाइक में 150cc सिंगल सिलिंडर, एयर कूल्ड इंजन लगा होगा, जो 14 बीएचपी की ताकत और 12.75Nm का टॉर्क देगा।
इसमें 5-स्पीड गियरबॉक्स लगा होगा।
- बाइक में 18-इंच का फ्रंट टायर और 16-इंच का रियर टायर लगा होगा।
- ये बाइक इबॉनी ब्लैक और पर्ल व्हाइट में मिलेगी।
- हर महीने 20 हजार यूनिट तैयार की जाएंगी।
क्या होगी इसकी कीमत?
- बजाज ऑटो के एमडी राजीव बजाज ने कहा है कि‍ मार्केट में मौजूद बाइक की कीमत 60 हजार से 70 हजार के बीच है।
- हम भी अपनी बाइक की कीमत को इसके आसपास रखेंगे। उनके मुताबिक, अभी कीमतों का एलान नहीं कि‍या जा रहा है।
कंपनी ने क्या कहा?
- बजाज ऑटो के प्रेसिडेंट (मोटरसाइकिल बिजनेस) एरिक वॉज ने कहा, ‘ हम नहीं चाहते कि लोग विक्रांत के योगदान को भुला दें।'
- 'इसलिए हमने आईएनएस विक्रांत का मेटल लिया, इसे पिघलाया और बाइक का रूप दिया। यह भारत की मिलिट्री हिस्ट्री के लिए यादगार होगी।’
और क्यों है खास विक्रांत?
- विक्रांत 1957 में ब्रिटेन से खरीदा गया था। तब इसे HMS हर्क्युलिस के नाम से जाना जाता था। 1961 में इसे पहली बार इंडियन नेवी में शामिल किया गया।
- विक्रांत का यह नाम संस्कृत के 'विक्रांता' से लिया गया था, जिसका मतलब होता है 'हदें पार करना'।
- 1971 के भारत-पाक वॉर में विक्रांत ने अहम रोल निभाया था। 
- 36 साल की सर्विस के बाद 31 जनवरी 1997 में इसे रिटायर कर दिया गया। 2012 तक मुंबई में म्यूज़ियम के तौर पर इस्तेमाल किया गया। 
- अप्रैल 2014 में सरकार ने इस शिप को डिस्मेंटल कर कबाड़ में बेचने का फैसला किया। इस फैसले का काफी विरोध भी किया गया था। 
- नीलामी के दौरान 60 करोड़ रुपए में शिप ब्रेकिंग कंपनी आईबी कमर्शियल्स ने विक्रांत को खरीदा।

पर्ल व्हाइट वेरिएंट में बाइक।

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